जगद्गुरूत्तम जयंती · शरद्पूर्णिमा
भव्य रथ यात्रा एवं नगर संकीर्तन
सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी के पावन सान्निध्य में
प्रवेश निःशुल्क · आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं
विवरण
- समय
- सायं 4:30 बजे सेKindly arrive by 4:15 PM
यह रात्रि क्यों विशेष है
शरद्पूर्णिमा — वह दिव्य रात्रि, जब श्रीकृष्ण ने महारास में ब्रजगोपियों को दिव्य प्रेमरस प्रदान किया। और सन् 1922 की इसी पावन रात्रि में जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज इस धराधाम पर अवतरित हुए।
इसीलिए यह दिन जगद्गुरूत्तम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है — और इस वर्ष इंदौर नगर इसे रथ यात्रा एवं नाम-संकीर्तन के साथ मनाएगा।

परिचय
जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज
निष्काम दिव्य प्रेम के साक्षात् स्वरूप। वेद, उपनिषद्, गीता, भागवत, पुराण — समस्त शास्त्रों का अद्वितीय ज्ञान, और उससे भी बढ़कर, हर जीव के प्रति असीम करुणा।
14 जनवरी 1957 को काशी विद्वत् परिषत् के 500 मूर्धन्य विद्वानों ने उन्हें ‘जगद्गुरूत्तम’ — समस्त जगद्गुरुओं में उत्तम — की उपाधि से विभूषित किया। वे इस युग के पंचम मूल जगद्गुरु हैं।
उपाधियाँ
काशी विद्वत् परिषत् द्वारा प्रदत्त उपाधियाँ
14 जनवरी 1957 को काशी के 500 मूर्धन्य विद्वानों की सभा — काशी विद्वत् परिषत् — ने 34 वर्ष की आयु में श्री कृपालु जी महाराज को ‘जगद्गुरूत्तम’ घोषित कर इन उपाधियों से विभूषित किया।
- १श्रीमत्
पदवाक्य वेदों एवं विश्व के समस्त शास्त्रों के अद्वितीय ज्ञाता।The Greatest Scholar with Unsurpassed Knowledge of the Vedas and all Scriptures of the Worldप्रमाण पारावारीण - २वेदमार्ग
प्रतिष्ठापनाचार्य सनातन वैदिक दर्शन के महान् प्रतिष्ठापक आचार्य।The Eminent Propounder of Eternal Vedic Philosophy - ३निखिलदर्शन
समन्वयाचार्य विश्व के समस्त, परस्पर विरोधी प्रतीत होने वाले दार्शनिक मतों का समन्वय करने वाले आचार्य।The Reconciler of all the Seemingly Contradictory Philosophical Views of the World - ४सनातन
वैदिक वे परम आचार्य, जिन्होंने जीव को उसके परम लक्ष्य तक ले जाने वाले सनातन वैदिक सिद्धान्तों को प्रकट किया।The Supreme Spiritual Master who has revealed the Eternal Vedic Principles that lead one to their Ultimate Goalधर्म प्रतिष्ठापन सत्सम्प्रदाय परमाचार्य - ५भक्तियोग
रसावतार दिव्य प्रेम एवं दिव्य आनन्द के साक्षात् अवतार।Descension of Divine Love and Bliss - ६भगवदनन्त
श्रीविभूषित जगद्गुरूत्तम परम पूज्य दिव्य विभूति — समस्त जगद्गुरुओं में सर्वोत्तम।The Most Revered Divine Personality, Supreme among all Jagadgurus

पावन सान्निध्य
सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी
जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज की प्रमुख प्रचारिका।
उनकी वाणी में श्री महाराज जी का गूढ़ तत्त्वज्ञान सीधे हृदय तक पहुँचता है, और उनके स्नेह में सबको वात्सल्य भरी ममता एवं अपनेपन की अनुभूति होती है। इस रथ यात्रा एवं नगर संकीर्तन में उनके सान्निध्य का सौभाग्य प्राप्त करें।
रथ यात्रा
शरद्पूर्णिमा की संध्या, इंदौर नगर में भव्य शोभा यात्रा।
नगर संकीर्तन
हरि-गुरु के मधुर नाम-संकीर्तन से गुंजायमान होंगी नगर की गलियाँ।
पावन सान्निध्य
सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी के संग चलने का दुर्लभ सौभाग्य।
शरद्पूर्णिमा
हर दिन पूर्णता की ओर बढ़ता चन्द्रमा — 25 अक्टूबर की पूर्णिमा तक
निःशुल्क पंजीकरण
कृपया अपने पधारने की सूचना दें
आपकी सूचना से हमें व्यवस्था में सहायता मिलेगी, और हम आपको यात्रा से पूर्व आवश्यक जानकारी भेज सकेंगे।
आपका हार्दिक स्वागत है
रविवार, 25 अक्टूबर को सायं 4:30 बजे अन्नपूर्णा मंदिर, इंदौर पर मिलते हैं। अपने परिवार और मित्रों को भी यह आमंत्रण भेजें।
रथ यात्रा सम्पन्न हुई — सभी का हार्दिक धन्यवाद
आगामी कार्यक्रमों की सूचना के लिए हमारा WhatsApp चैनल एवं YouTube चैनल अवश्य फॉलो करें।
सामान्य प्रश्न
क्या कोई शुल्क है?
नहीं। रथ यात्रा एवं नगर संकीर्तन सभी के लिए पूर्णतः निःशुल्क है।
कौन आ सकता है?
सभी — परिवार, मित्र, बच्चे, बुज़ुर्ग। आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
कब पहुँचें?
यात्रा सायं 4:30 बजे अन्नपूर्णा मंदिर, इंदौर से आरम्भ होगी। कृपया 15 मिनट पहले पहुँचें।
क्या पंजीकरण आवश्यक है?
अनिवार्य नहीं है, किन्तु पंजीकरण करने से हम आपको समय पर आवश्यक सूचनाएँ भेज पाएँगे।
अधिक जानकारी के लिए किससे संपर्क करें?
93006 10188 पर कॉल या WhatsApp करें।
23 – 25 अक्टूबर · महू
शरद्पूर्णिमा साधना शिविर
तीन दिवसीय साधना, सत्संग एवं संकीर्तन — सुश्री ब्रज परिकरी देवी जी के सान्निध्य में। शिविर संपर्क: +91 97551 91933